पिछले हफ्ते के दिग्गज कलाकार () का 98 साल की उम्र में निधन हो गया। बॉलिवुड के अन्य कलाकारों की तरह इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन ऐक्टर्स में से एक माने जाने वाले () ने भी दिलीप साहब की मौत पर शोक जताया। नसीर किसी अन्य सिनेप्रेमी की तरह ही दिलीप कुमार के फैन हैं मगर जब बात इंडियन सिनेमा में दिलीप कुमार के योगदान की आती है तो शायद नसीर इस पर कुछ अलग राय रखते हैं। 'लोगों ने दिलीप कुमार के स्टाइल को कॉपी किया''इंडियन एक्सप्रेस' के लिए लिखे एक आर्टिकल में नसीर ने कहा कि दिलीप कुमार ने एक बड़ा स्टार होने के नाते हिंदी सिनेमा या नए कलाकारों को आगे बढ़ाने में कोई खास योगदान नहीं दिया। नसीर ने लिखा कि दिलीप कुमार ऐक्टिंग में 'नाटकीयता, तीखी आवाज और लगातार हाथ हिलाना' मानदंडों का पालन नहीं करते थे। नसीर ने आगे कहा, 'दिलीप कुमार की स्टाइल ने इंडियन फिल्मों में एक प्रतिमान स्थापित किया। उनके तरीके को बाद के ऐक्टर्स ने भी फॉलो करने की कोशिश की मगर वह बेहद नकल जैसा ही दिखता था।' 'ऐक्टिंग के अलावा कुछ नहीं किया'हालांकि नसीर ने यह भी लिखा कि दिलीप कुमार के इतने महान ऐक्टर होने के बावजूद सिनेमा के लिए बहुत कम योगदान दिया। उन्होंने लिखा, 'जिस जगह पर वह (दिलीप कुमार) थे, उन्होंने ऐक्टिंग के अलावा कुछ नहीं किया और वह अपने दिल के करीब सामाजिक कार्यों में ज्यादा शामिल रहे।' 'अपने अनुभव का फायदा आगे के लोगों को नहीं दिया'नसीर ने यह भी कहा कि दिलीप कुमार ने अपने ऐक्टिंग करियर में केवल एक फिल्म को प्रड्यूस किया और ऑफिशली किसी फिल्म का डायरेक्शन नहीं किया। उन्होंने लिखा, 'उन्होंने (दिलीप कुमार ने) कभी भी अपने अनुभव का फायदा आगे नहीं बढ़ाया, उन्होंने किसी को नहीं निखारा और 1970 के शुरूआती फिल्मों को छोड़ दें तो उन्होंने आगे आने वाले ऐक्टर्स के लिए कोई खास ऐसा जरूरी सबक नहीं छोड़ा।' नसीर ने अपने आर्टिकल में लिखा कि देश के सबसे बेहतरीन लोगों में से थे जिनकी मौजूदगी ही फिल्मों को ऊपर उठा देती थी लेकिन इतने स्टारडम के बावजूद उन्होंने ऐसा कुछ खास नहीं किया।
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